नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने छात्रों की प्रमुख मांगें मानते हुए लगभग 20 साल बाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद मेहताब आलम रिजवी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, छात्र संघ के संविधान को औपचारिक रूप से मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र पिछले 15 दिनों से छात्र संघ चुनाव को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रशासन ने छात्रों के भारी विरोध और भूख हड़ताल के आगे झुकते हुए छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को मंजूरी दे दी है।
साथ ही हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ किए गए सभी निलंबन और शो-कॉज नोटिस को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है।
इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी के सुरक्षा स्टाफ की कार्रवाई की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा।
आदेश के मुताबिक, प्रदर्शनकारी छात्रों को प्रशासन के खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए किसी भी अपमानजनक पोस्ट को हटाना होगा और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी।
हालांकि यूनिवर्सिटी के इस लिखित आदेश के बावजूद कैंपस में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।NSUI और कुछ अन्य छात्र संगठनों ने चुनाव की कोई निश्चित तारीख तय न होने और माफी मांगने की शर्त पर आपत्ति जताई है।








