नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन16वें दिन भी जारी है।विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराने के आदेश के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। छात्रों की मांग है कि प्रशासन चुनाव की निश्चित तारीख घोषित करने के साथ ही छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी देने की समयसीमा भी तय करे।
जामिया प्रशासन ने सोमवार को आदेश जारी कर कहा था कि छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान छात्रों को जारी किए गए निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने तथा प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों के आचरण की जांच के लिए समिति गठित करने का भी फैसला लिया गया। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि आदेश में संविधान को मंजूरी देने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।
छात्रों का तर्क है कि जब तक चुनाव की तारीख और संविधान को मंजूरी देने की समयसीमा स्पष्ट नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म करने का सवाल नहीं उठता।
फिलहाल, छात्रसंघ चुनाव की तारीख और संविधान को मंजूरी देने की समयसीमा को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विश्वविद्यालय प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है।








