BRICS शिखर सम्मेलन से दुनिया को पीएम मोदी का संदेश, ‘भारत किसी के विरोध में नहीं, सबको साथ लेकर चलने में करता है विश्वास’

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली:  आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS सम्मेलन का आगाज हो गया है।  दो दिवसीय इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में ब्रिक्स देश साझा प्राथमिकताओं, वैश्विक मुद्दों और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के शुरू होने की घोषणा की। उन्होंने अपने बयान में कहा, “भारत में आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। BRICS की अध्यक्षता के दौरान भारत का दृष्टिकोण लोगों पर केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाला रहा है। मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता हमारी प्राथमिकताएं रही हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “ब्रिक्स को मजबूत करने के साथ-साथ हमें वैश्विक सुधार की दिशा भी निर्धारित करनी चाहिए। वैश्विक शासन का मौजूदा ढांचा एक पिरामिड जैसा है, सत्ता और फैसले लेने की शक्ति सबसे ऊपर केंद्रित है, जबकि निचले स्तरों पर वे देश हैं जो इन फैसलों से प्रभावित तो होते हैं, लेकिन उन्हें आकार देने में असमर्थ रहते हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “आज, ग्लोबल साउथ वैश्विक संकटों का सामना करने में तो सबसे आगे है, लेकिन फैसले लेने की प्रक्रिया में सबसे पीछे। हमें ‘विशेषाधिकार के पिरामिड’ को ‘साझेदारी के मंच’ में बदलना होगा – एक ऐसा मंच जहां हर देश की आवाज सुनी जाए, हर सदस्य की हिस्सेदारी हो, और हर कोशिश के केंद्र में मानवता का विकास हो। इसके लिए, मेरा प्रस्ताव है कि हम वैश्विक शासन में सुधार के लिए मिलकर 10 प्रस्ताव तैयार करें, ताकि अगले शिखर सम्मेलन तक उन्हें BRICS सुधार रोडमैप का रूप दिया जा सके।”

पीएम ने कहा कि इस रोडमैप को तैयार करते समय हमें तीन अहम पहलुओं पर ध्यान देना होगा। प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम बनाना। प्रतिनिधित्व के बारे में, मैं यह कहना चाहूंगा कि UN सुरक्षा परिषद में सुधार को अब और टाला नहीं जा सकता। इस मामले पर बातचीत को एक निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट नतीजों से जोड़ा जाना चाहिए।

इसी तरह, वित्तीय संस्थानों में मतदान शक्ति, नेतृत्व की भूमिकाएं और नीति की प्राथमिकताएं वर्तमान की आर्थिक वास्तविकता के अनुरूप होनी चाहिए। जो देश वैश्विक आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाते हैं, उन्हें वैश्विक आर्थिक शासन को आकार देने में भी उचित भूमिका निभानी चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की मेजबानी में हो रहे इस BRICS समिट का संदेश स्पष्ट होना  चाहिए। अगर हमारा भविष्य साझा है, तो उसे आकार देने का अधिकार भी साझा होना चाहिए। ‘आवाज से असर तक, विशेषाधिकार से साझेदारी तक’ – यही ‘BRICS@20’ का संकल्प हो।साथ ही पीएम ने सदस्य देशों से मिलकर 10 ठोस प्रस्ताव तैयार करने का सुझाव दिया है, ताकि अगली समिट तक इसे एक व्यापक ‘ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमैप’ का रूप दिया जा सके। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक शासन व्यवस्था ‘विशेषाधिकार का पिरामिड’  बन चुकी है, जिसे बदलकर ‘साझेदारी का मंच’ बनाने की आवश्यकता है। मोदी ने कहा कि भारत आज किसी के विरोध में नहीं है वह सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करता है।

 

 

 

News 7
Author: News 7

Leave a Comment

और पढ़ें

Orpheus Financial