नई दिल्ली: सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे के बाद मकड़ ने बड़ा एक्शन लिया है। अवैध निर्माण, जर्जर इमारतों और बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ MCD का अभियान तेज हो गया है। नगर निगम की टीमें राजधानी के सभी 12 जोन में लगातार जांच और कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारी घर-घर जाकर इमारतों की स्थिति देख रहे हैं और खामियां मिलने पर नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
गुरुवार को 41 जगहों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि 61 संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा 32 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और ध्वस्तीकरण के 3 आदेश भी दिए गए।इस बीच 1,355 ऐसी इमारतों का सर्वे किया गया जिनमें PG चल रहा है।
MCD ने गुरुवार को ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल जोन में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ईस्ट जोन में खुरेजी खास, जगतपुरी और लक्ष्मी नगर समेत कई इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई हुई।
वहीं चांदनी चौक में नगर निगम की टीम ने अलग-अलग इमारतों के बेसमेंट में बनी दुकानों को सील किया। अब तक यहां कुल 54 दुकानें सील की जा चुकी हैं। MCD की इस कार्रवाई से कारोबारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई से उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है।
दिल्ली में कई जगह जर्जर इमारतों पर हथौड़े और ड्रिल मशीन से कार्रवाई की जा रही है। कुछ इलाकों में बुलडोजर भी चलाए जा रहे हैं। हादसे की आशंका वाली इमारतों को पहले खाली कराया जा रहा है और फिर उन्हें सील किया जा रहा है।
नियमों का उल्लंघन कर चल रहे 61 से अधिक अवैध हॉस्टल्स और पीजी संपत्तियों को सील कर दिया गया है। सुरक्षा मानकों को पूरा न करने वाली 32 से अधिक इमारतों के मालिकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कड़े आदेश के बाद MCD की टीमों ने राजधानी के सभी 12 जोनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।









