देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कौशल विकास एवं रोजगार योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण, रोजगार, प्लेसमेंट और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए। साथ ही युवाओं की रुचि और स्थानीय रोजगार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तथा प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास से जुड़े सभी विभाग एक साझा मंच पर कार्य करें, ताकि युवाओं को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। प्रदेश को स्किल हब बनाने के लिए सचिव कौशल विकास को सेतु आयोग की राय लेकर सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से एक समग्र डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन सी. रविशंकर ने बताया कि समग्र कौशल विकास के लिए स्कूल, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विभागों के सहयोग से उद्योगों के मानकों के अनुरूप आईटीआई को उन्नत बनाया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 119 आईटीआई संचालित हैं, जिनमें से 90 आईटीआई को पोर्टल पर मैप किया जा चुका है। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आईटीआई में शॉर्ट-टर्म प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के माध्यम से वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण, भाषा दक्षता और अन्य आवश्यक कौशल उपलब्ध कराने की दिशा में तीन एजेंसियों से बातचीत चल रही है।
इसके अलावा रोजगार प्रयाग पोर्टल पर निजी नियोक्ताओं का पंजीकरण भी किया जा रहा है। अब तक 162 निजी नियोक्ताओं को पोर्टल से जोड़ा जा चुका है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।









