हरिद्वार: 30 जुलाई से कांवड़ मेला शुरू होने जा रहा है। जिसकी तैयारियों को लेकर उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में यूपी, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, राजस्थान समेत कई राज्यों के अधिकारियों ने बैठक की। बैठक में कांवड़ मेले के समय आपसी समन्वय पर जोर दिया गया। इस बैठक में कांवड़ियों की भीड़, उनके रूट और सुरक्षा को लेकर भी मंथन हुआ।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि कांवड़ मेला हमेशा चुनौती भरा होता है और हरिद्वार इसका केंद्र होने के कारण सबसे ज्यादा यहीं फोकस होता है। जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। लिहाजा सभी राज्य आपसी सहयोग से इसे सकुशल संपन्न करेंगे।
मेले की तैयारियां ज़ोर-शोर से की जा रहीं है। उत्तराखंड के साथ-साथ निकटवर्ती राज्यों के अधिकारियों से भी समन्वय बनाया गया है। सभी पड़ोसी राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक कर कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई है।
हर साल की तरह इस साल भी कावड़ मेले के दौरान भाला, त्रिशूल, बेसबॉल के डंडे और अन्य धारदार हथियार बैन रहेंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने बताया कि पूर्व की भांति इस बार भी कोई व्यवस्था में परिवर्तन नहीं किया गया है।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कांवड़ मेले में हरिद्वार आने वाले कांवड़ियों से अपील की है कि वो पूरी श्रद्धा के साथ हरिद्वार आएं और व्यवस्थाओं में प्रशासन का सहयोग करें।सनातन धर्म की परम्पराओं के अनुसार हरिद्वार से शांतिपूर्वक गंगाजल भटकर अपने गंतव्यों को लौटें।









