अंकिता भंडारी हत्याकांड: प्रदर्शनकारियों ने किया CBI कार्यकाल का घेराव, धीमी जांच पर उठाए सवाल

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देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की धीमी जांच को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस मसले पर गुरुवार दो जुलाई को अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच से जुड़े लोगों ने देहरादून के सीमा द्वार में स्थित सीबीआई कार्यालय का घेराव किया। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सीमा द्वार स्थित कार्यालय पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगाकर जांच की प्रगति पर सवाल उठाए।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सीबीआई कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी दूसरे प्रवेश द्वार तक पहुंच गए और वहां भी प्रतीकात्मक तालाबंदी की। इस दौरान सीबीआई अधिकारियों ने कार्यालय परिसर के भीतर से आंदोलनकारियों से बातचीत की। प्रदर्शनकारियों ने जांच की रफ़्तार और कथित रूप से लंबित पूछताछ को लेकर कई सवाल उठाए, लेकिन जवाबों से असंतुष्ट होकर उन्होंने मुख्य गेट पर भी ताला जड़ दिया।

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के मोहित डिमरी ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच को संस्तुति किए 6 महीने का समय होने जा रहा है, लेकिन जांच कहां पर अटकी हुई है, यह समझ से परे है।

प्रदर्शन के दौरान सीबीआई जवाब दो”अंकिता भंडारी को न्याय दो”वीआईपी को गिरफ्तार करो” और साक्ष्य मिटाने वालों पर कार्रवाई करो” जैसे नारे लगाए गए। इस दौरान लोगों ने कहा कि यह आंदोलन केवल अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही का भी सवाल है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जांच में पारदर्शिता नहीं दिखाई गई और उठाए गए सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा।

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Author: News 7

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