मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 13वां दिन है। हर बीतते दिन के साथ जंग औरबढ़ती ही जा रही है। इस बीच ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में तेल के टैंकरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस कारण दुनिया भर में तेल की सप्लाई में समस्या आने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, इस जंग के हालात के बीच भी एक तेल का टैंकर सउदी से तेल लेकर भारत के मुंबई तट पर पहुंच गया है। ये कामयाबी टैंकर के कैप्टन की सूझबूझ के कारण मिली है।
खाड़ी देशों के युद्ध के बीच सऊदी के कच्चे तेल से भरा टैंकर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर के सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया है। ये जहाज कैप्टन की सूझबूझ से मुंबई पहुंचा है। कैप्टन ने ईरान से बचने के लिए टैंकर का सिग्नल सिस्टम बंद कर दिया था। लाइबेरिया के झंडे वाला तेल टैंकर शेनलॉन्ग (Suezmax) 1,35,335 मीट्रिक टन सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर मुंबई पहुंच गया है।
एथेंस स्थित डायनाकोम टैंकर मैनेजमेंट द्वारा संचालित यह जहाज पहला आयल टैंकर है जो कि युद्ध प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार कर भारत पहुंचा है। यह टैंकर मुंबई में डॉक होकर पूर्वी मुंबई के माहुल स्थित रिफाइनरियों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति करेगा। हाल के क्षेत्रीय तनाव के बीच यह पहला बड़ा भारत-गामी कच्चे तेल का शिपमेंट है जो होर्मुज से सुरक्षित निकलकर मुंबई पहुंचा है, जिससे ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में कुछ राहत मिली है।
बड़ी सावधानी के साथ मुंबई पहुंचा जहाज
इस मामले से जुड़े एक शख्स ने बताया कि मुंबई की तरफ जा रहा यह जहाज़ बड़ी सावधानी से चल रहा था। जहाज ने खतरनाक रास्ते पर चलते समय पता लगने से बचने के लिए अपने ट्रांसपोंडर और AIS यानी ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम को बंद कर दिया था। इससे जहाज को ट्रैक नहीं किया जा सका










