देहरादून: देहरादून के परेड ग्राउंड के बाहर अंकिता को न्याय दिलाने के लिए अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने महापंचायत की. महापंचायत में कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के घटक दलों के अलावा राज्य आंदोलनकारियों समेत तमाम सामाजिक और जन सरोकारों से जुड़े संगठन शामिल हुए.
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लंबे समय से वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग कई संगठन कर रहे हैं। इसको लेकर आज देहरादून में महापंचायत हुई।
लोगों का कहना है कि हत्याकांड में वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई न होने तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, अंकिता भंडारी के माता पिता भी इस महापंचायत में शामिल हुए। इस दौरान महापंचायत में पांच प्रस्ताव पास किए गए।
महापंचायत के प्रस्ताव:
– पंद्रह दिनों के भीतर यदि पीड़ित परिवार की शिकायत आगे नहीं बढ़ी तो महापंचायत होगी, राष्ट्रपति से मुलाकात होगी।
– अंकिता के माता-पिता के शिकायती पत्र को ही सीबीआई जांच के लिए शिकायती पत्र माना जाए।
– पर्यावरणविद् अनिल जोशी के द्वारा कराई एफआईआर रदद की जाए।
– भाजपा नेता को जांच के दायरे में लाया जाए और निष्कासित किया जाए।
महापंचायत में पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर सत्यनारायण सचान ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर धामी अंकिता मामले की सीबीआई जांच पर्यावरणविद की एफआईआर को आधार बनाकर करवा रहे हैं, जबकि सीबीआई जांच उस व्यक्ति की तहरीर पर नहीं बल्कि अंकित के माता-पिता की तहरीर के आधार पर होनी चाहिए. यह जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए. उन्होंने कहा जिन लोगों ने साक्ष्य मिटाये, उनको भी सीबीआई जांच की परिधि में लाया जाए.










