पटना: सांसद पप्पू यादव की गिरफ़्तारी को लेकर सियासी सरगरमियाँ तेज़ हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी पप्पू यादव का खुलकर समर्थन किया है। दोनों नेताओं ने पटना गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली छात्रा के साथ कथित रेप के बाद मौत मामले की चर्चा कर सरकार पर प्रहार किया।
राहुल ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट लिखा –
पटना में NEET की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।
पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जाँच और न्याय की माँग की, तो वही पुराना भाजपा-NDA मॉडल सामने आ गया – केस को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो।
इस बेटी के लिए न्याय की आवाज़ बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए।आज उनकी गिरफ़्तारी साफ़ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही माँगने वाली हर आवाज़ को डराया और दबाया जा सके।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती। यह एक भयावह साज़िश और खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जहाँ और भी बेटियाँ शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफ़नाक सच्चाई से आँखें मूँद कर बैठी है।
यह राजनीति नहीं, इंसाफ़ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज़्ज़त और सुरक्षा का सवाल है।
वहीँ प्रियंका गांधी ने भी पप्पू यादव की गिरफ्तारी सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि पटना के हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है। यह मामला सामने आने के बाद सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा खौफनाक है। FIR दर्ज होने से लेकर जांच और कार्रवाई तक – सबकुछ संदिग्ध बना दिया गया है। यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है? हाथरस, उन्नाव से लेकर अंकिता भंडारी और पटना तक- जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, भाजपा की सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपियों के साथ खड़ी हो जाती हैं। इस केस में आवाज उठा रहे सांसद पप्पू यादव जी की गिरफ्तारी इसी असंवेदनशील रवैये की एक और कड़ी है। भाजपा और उनके सहयोगियों का एजेंडा स्पष्ट है- वे अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं।
दोनों नेताओं ने कहा कि पप्पू यादव के साथ न्याय की आवाज उठाने की वजह से ऐसा किया गया। पप्पू यादव को इस मामले में शांत रहने के लिए कहा जा रहा था। उनको इसको लेकर डराया और धमकाया जा रहा था। पीड़ित परिवार को न्याय देने के बजाय बिहार सरकार मामले को भटकाने और परिजनों को प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है










