देहरादून: उत्तराखंड में शुरू होने वाले आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले प्री-एसआईआर की प्रक्रिया जारी है, जिसके तहत प्रदेश में बीएलओ आउटरीच अभियान चलाया जा रहा है. बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण में 75.28 मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है. वहीं, अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत एक फरवरी से होने जा रही है जो कि 15 फरवरी तक चलेगी.
बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण में प्रदेश के दो मैदानी जिले देहरादून और उधमसिंह नगर मैपिंग फीसदी में काफी पीछे हैं. प्रदेश में बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण की शुरुआत 1 दिसंबर 2025 को हुई थी, जो 15 जनवरी 2026 तक संचालित किया गया. इस अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 1 फरवरी 2026 से होने जा रही है.
पहले चरण में 75.28 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी: इस अभियान के तहत साल 2025 की मतदाता सूची में मौजूद मतदाताओं को साल 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है. उत्तराखंड में प्री-एसआईआर के तहत बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण में 75.28 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, जिसके तहत उत्तराखंड में मौजूद 84,55,994 मतदाताओं में से 63,66,046 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है.
पर्वतीय जिलों में मैपिंग का आंकड़ा 90 फ़ीसदी: उत्तराखंड के अधिकांश पर्वतीय जिलों में मैपिंग का आंकड़ा 90 फ़ीसदी के आसपास पहुंच गया है. लेकिन दो मैदानी जिलों देहरादून और उधम सिंह नगर में मतदाताओं के मैपिंग का आंकड़ा 60 फीसदी से भी कम है. करीब डेढ़ महीने तक चले बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण में देहरादून जिले में 57.23 फीसदी मतदाताओं और उधम सिंह नगर जिले में 59.64 फीसदी मतदाताओं की ही मैपिंग हो पाई है.
एक फरवरी से दूसरे चरण की शुरुआत: इस अभियान के पहले चरण के तहत प्रदेश के 75 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है. साथ ही कहा कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बीलएओ, ईआरओ समेत पूरी इलेक्शन मशीनरी ने अभी तक 75 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग कर चुकी है. साथ ही अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत एक फरवरी से होने जा रही है. इस अभियान में प्रदेश के युवा एवं महिला मतदाताओं पर विशेष फोकस रहेगा.
आउटरीच अभियान के दूसरे चरण को 15 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत साल 2025 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं की साल 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जाएगी. साथ बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए साल 2003 की मतदाता सूची को उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ऑफिशल वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है.
दो जिलों की स्थिति काफी खराब: उत्तराखंड के मुख्य रूप से दो जिलों देहरादून और उधम सिंह नगर जिले में मैपिंग फीसदी कम रहने के सवाल पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंड ने कहा कि मैपिंग की कार्रवाई घर-घर जाकर की जाती है, लेकिन इन जिलों में मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण, अधिक मतदाताओं से संपर्क करना पड़ रहा है.
ऐसे में आगामी 15 दोनों तक बीएलओ आउटरीच अभियान को संचालित किया जाना है. तब इन जिलों में मैपिंग फीसदी बेहतर होने की संभावना है. साथ ही बताया की बीएलओ की सुविधा को देखते हुए एक दिन में 30 से 40 मतदाताओं से ही संपर्क साधने का लक्ष्य रखा गया है.










