देहरादून: काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले को लेकर कांग्रेसियों ने पुलिस मुख्यालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारी कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. जिससे नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़क पर धरने में बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि किसान सुखवंत सिंह मामले में पूरी सरकार और पुलिस प्रशासन घेरे में है, जब आरोप पुलिस पर है तो पुलिस ही निष्पक्ष जांच कैसे कर सकती है?
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. जनता की सुरक्षा का जिम्मा संभाले पुलिस पर ही सवाल उठ रहे हैं. काशीपुर के नौजवान किसान ने पुलिस सिस्टम के दबाव में आकर आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया. आत्महत्या करने से पहले उनके शब्दों ने सबको झझकोर कर रख दिया है. उसके अंदर कितनी पीड़ा और दर्द रही होगी कि उसको मौत को गले लगाना पड़ गया.
उन्होंने कहा कि भले ही इस मामले में कुछ पुलिस कर्मियों को निलंबित और लाइन हाजिर किया गया है, लेकिन किसान खुशवंत सिंह की मौत से पहले के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी. उसी बयान के आधार पर पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जाना चाहिए था.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हर उस मामले में जिसमें सरकार और पुलिस बचाव कर रही है, कांग्रेस पार्टी उन सभी मामलों को लेकर सड़क पर उतरी है. उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के हित के लिए अच्छी परंपरा नहीं है कि सरकार की शह पर पुलिस अपराध को अंजाम दे. उसके बाद अपराधियों को संरक्षण देने के लिए किसी भी हद तक सरकार उतर जाए.










