लखनऊ : उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए. कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और महिलाओं-बच्चों के कल्याण से जुड़े 25 से ज्यादा प्रस्तावों पर मुहर लगी. लखनऊ के बसंतकुंज स्थित ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के संचालन, सुरक्षा और रखरखाव के लिए अलग समिति बनेगी. इसके लिए कॉर्पस फंड भी बनाया जाएगा, जिससे हर साल खर्च की व्यवस्था होती रहे.
कैबिनेट बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए करीब 25 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी मंजूर किया गया. इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और शहरी विकास से जुड़े दर्जनों प्रस्तावों पर मुहर लगी.
शिक्षा के क्षेत्र में बड़े कदम : कैबिनेट ने दो नए विश्वविद्यालय बनाने का फैसला किया है. भदोही के काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय’ बनाया जाएगा. वहीं शाहजहांपुर में मुमुक्ष आश्रम ट्रस्ट के तहत ‘स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय’ की स्थापना होगी. गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय (Forestry and Horticulture University) बनाने का प्रस्ताव भी पास हुआ.
चिकित्सा को 3500 करोड़ की सौगात : प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र के लिए बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है. अनुपूरक बजट में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की सौगात दी है. प्रदेश में आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसी के तहत में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित और भविष्य में प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है.
गरीब और जरूरतमंद को निशुल्क इलाज की सुविधा : आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत सूचीबद्ध चिकित्सालयों के लंबित एवं प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए सबसे बड़ा प्रावधान किया गया है. इस मद में 1,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है. यह कदम आयुष्मान भारत योजना को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ गरीब व जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क इलाज की सुविधा निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने में सहायक होगा.










