उत्तर प्रदेश में एक दिसंबर से बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने वाली योजना शुरू होने जा रही है. 90 दिनों तक चलने वाली इस स्कीम से बिजली बिल बकाएदारों को काफी सहूलियत मिलेगी. योजना एक दिसंबर से लागू होकर 28 फरवरी तक चलेगी.
योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 2 किलोवाट जबकि कमर्शियल उपभोक्ता को 1 किलोवाट पर कई तरह की छूट दी जाएगी. बिल पर सरचार्ज नहीं देना होगा. इसके अलावा आसान किस्तों में बिल चुकाने की सुविधा भी मिलेगी.
इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के घरेलू और छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बिजली बिल के बोझ से राहत देना और उन्हें एक सरल, सम्मानजनक समाधान प्रदान करना है. एक दिसंबर से 28 फरवरी तक उपभोक्ता इस आकर्षक योजना का लाभ लेकर बिजली बिल में बड़ी छूट पा सकते हैं.
योजना के तहत पहली बार 100 प्रतिशत ब्याज और सरचार्ज माफी और मूलधन में 25 प्रतिशत की छूट की व्यवस्था की गई है. 2 किलोवाट तक छोटे घरेलू उपभोक्ता और एक किलोवाट तक के कनेक्शन वाले व्यावसायिक ग्राहकों को विशेष लाभ मिलेगा.
‘यूपी सरकार की ये योजना देगी राहत’ : यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार बकाया बिलों के समाधान के लिए व्यापक राहत योजना लेकर आ रही है. आसान किस्तों की सुविधा और बढ़े हुए बिलों को औसत खपत के आधार पर स्वचालित रूप से समायोजित करने की व्यवस्था से उपभोक्ताओं को वास्तविक आर्थिक राहत मिलेगी.
मुकदमों का होगा निस्तारण : उन्होंने बताया कि विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए यह योजना बड़ी राहत का माध्यम बनेगी जो पूर्व में अनाधिकृत विद्युत उपयोग से जुड़े प्रकरणों में उलझे थे. इस योजना के अंतर्गत ऐसे प्रकरणों में चल रहे मुकदमों का निस्तारण कराया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से छुटकारा मिलेगा.
उन्होंने बताया कि यह योजना गरीब परिवारों, छोटे दुकानदारों, किसान उपभोक्ताओं और ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र बिजली ग्राहकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी. ब्याज माफी और मूलधन में छूट तत्काल राहत देती है, वहीं आसान किस्तों में बिल जमा करने का विकल्प मासिक आर्थिक दबाव कम करेगा.










