बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में समीक्षा बैठक की. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत दिग्गज नेताओं के सामने बिहार के नेताओं ने अपनी बात रखी.
सभी उम्मीदवारों से पूछा गया हार का कारण: समीक्षा बैठक में बिहार कांग्रेस के सभी 61 प्रत्याशियों को बुलाया गया था. पार्टी ने सभी उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए. इस रिपोर्ट में हार के कारण और संगठनात्मक मजबूती-कमजोरी का ब्योरा देना अनिवार्य किया गया है.
हार की जिम्मेदारी तय करने की कवायद : कांग्रेस हाईकमान यह जानना चाहते हैं कि हार के पीछे स्थानीय मुद्दे जिम्मेदार रहे या चुनावी रणनीति में कोई बड़ी खामी रही. पार्टी भविष्य की रणनीति को और प्रभावी बनाने के लिए इस समीक्षा प्रक्रिया को बेहद महत्वपूर्ण मान रही है. इसके साथ ही कांग्रेस नेतृत्व उन नेताओं की पहचान करने में जुटी है जिनके प्रदर्शन ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया.
पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि इस बैठक में कई नेताओं ने टिकट वितरण और संगठन संचालन को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की. कई उम्मीदवारों ने कहा कि संगठन ने जमीनी स्तर पर उनका समर्थन नहीं किया. बैठक शुरू होने से पहले ही नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी नोक-झोंक की स्थिति बन गई. बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ.
दिल्ली कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में कुछ नेताओं के बीच जमकर बहस हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाली-गलौज जैसी स्थिति भी देखने को मिली. यह विवाद बताता है कि पार्टी के भीतर गुटबाजी किस स्तर पर पहुंच चुकी है. कांग्रेस नेतृत्व ने इस तरह की अनुशासनहीनता को बेहद गंभीरता से लिया है और संकेत दिए हैं कि इसमें शामिल नेताओं पर सख्त कार्रवाई हो सकती है.










