शिमला: देश भर में चर्चित हुए संजौली मस्जिद मामले में जिला अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है. अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मस्जिद को गिराने को लेकर एमसी शिमला कमिश्नर कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए वक्फ बोर्ड व मस्जिद कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया है. वक्फ बोर्ड ने एमसी शिमला कोर्ट के मस्जिद को गिराने से जुड़े फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी थी. उल्लेखनीय है कि एमसी शिमला कमिश्नर कोर्ट ने संजौली की मस्जिद को पूरी तरह अवैध पाते हुए गिराने के आदेश जारी किए थे.
एमसी शिमला कमिश्नर कोर्ट ने 2024 में पहले 5 अक्टूबर को मस्जिद की तीन ऊपरी मंजिलों को गिराने का आदेश जारी किया था. फिर इसी केस में वर्ष 2025 में 3 मई को एमसी कोर्ट ने संजौली मस्जिद की निचली दो मंजिलों को भी अवैध करार देते हुए गिराने के आदेश दिए थे. उसी आदेश को वक्फ बोर्ड व मस्जिद कमेटी संजौली ने चुनौती दी हुई है.
मामला बढ़ता देख संजौली मस्जिद कमेटी के प्रतिनिधि 12 सितंबर 2024 को एमसी शिमला कमिश्नर के पास आए और खुद अवैध निर्माण गिराने की पेशकश की थी. फिर 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने के आदेश जारी किए थे. हाईकोर्ट ने भी एमसी कमिश्नर कोर्ट को तय समय में फैसला देने के आदेश जारी किए थे. इस पर एमसी शिमला कमिश्नर कोर्ट ने मई 2025 में मस्जिद की निचली दो मंजिलों को भी अवैध करार देते हुए उन्हें गिराने के आदेश जारी कर दिए. अब जिला अदालत ने भी एमसी शिमला के फैसले को सही ठहराया है.










