लखनऊ: 69 हजार शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने रविवार को बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के आवास का घेराव किया. अभ्यर्थी जिद पर अड़े थे कि बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलकर ही जाना है, लेकिन पार्टी पदाधिकारियों ने समझाया और उनका ज्ञापन ले लिया.
बसपा सुप्रीम मायावती के आवास पर प्रदर्शन करने पहुंचे अभ्यर्थियों की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली, पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई. अभ्यर्थियों ने मायावती के आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा. अभ्यर्थियों का आरोप था कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार की लचर पैरवी की वजह से नियुक्ति नहीं मिल पा रही है. पिछले पांच साल से रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
बसपा कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने ‘बहन जी न्याय करो सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करो’ जैसे नारे लगाए. ‘पीडीए को न्याय दो’ का भी नारा बुलंद किया. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों में नोंकझोंक की नौबत आ गई. प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे. इसके बाद पुलिस ने किसी तरह समझाकर बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल से प्रतिनिधि मंडल को मिलवाया. प्रतिनिधि मंडल की तरफ से उन्हें ज्ञापन दिया गया.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आगामी 28 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में डेट लगी है. सरकार की तरफ से मजबूत पैरवी हो और हमारे पक्ष में निर्णय आए. अभ्यर्थियों ने बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल से मायावती तक बात पहुंचाने की अपील की. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया.
बता दें कि, शिक्षक अभ्यर्थी पिछले काफी समय से सरकार के विभिन्न मंत्रियों से लेकर विपक्षी दलों के कार्यालय पर प्रदर्शन कर चुके हैं. इससे पहले भी बहुजन समाज पार्टी कार्यालय का घेराव कर चुके हैं. रविवार को प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बसपा सुप्रीमो हमारी आखिरी उम्मीद हैं. बहन जी पिछड़े और दलितों की मसीहा हैं. मंचों से वे मुख्यमंत्री योगी की तारीफ करती हैं कि बीजेपी अच्छा काम कर रही है. हम उनके पास आए हैं कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करें और हमें न्याय दिलाएं.










