इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है. पाकिस्तान के ताजा हवाई हमलों में 10 से ज्यादा अफगान नागरिक मारे गए, जिसमें तीन क्रिकेटर भी शामिल हैं. आरोप है कि पाकिस्तान ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है.
इसके उलट, पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने अफगानिस्तान को चेतावनी दी है. मुनीर ने काबुल से कहा कि उसे अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के अंदर हमले करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी और तत्काल कार्रवाई करनी होगी.
पाकिस्तान ने भारत पर भी अफगानिस्तान की मदद करने का आरोप लगाया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया है कि अफगानिस्तान नई दिल्ली और प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रच रहा है.
पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार देर रात अफगानिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर नए हवाई हमले शुरू किए हैं. इससे कुछ ही घंटे पहले इस्लामाबाद और काबुल दो दिवसीय युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए थे. जिससे दोनों पक्षों के बीच संघर्ष अस्थायी रूप से रुक गया था.
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एबटाबाद स्थित पाकिस्तान सैन्य अकादमी (पीएमए) में सेना के कैडेटों के स्नातक समारोह को संबोधित करते हुए फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि काबुल को “शांति और अराजकता” में से किसी एक को चुनना होगा. उन्होंने कहा कि तालिबान शासन को पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपनी धरती से सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए. मुनीर ने चेतावनी दी कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल करने वाले सभी छद्म आतंकवादियों को करारा जवाब देंगे और उन्हें मिट्टी में मिला देंगे.
पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में एक सैन्य प्रतिष्ठान पर आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसकी जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हाफिज गुल बहादुर समूह ने ली थी. इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में हवाई हमले किए.
पाकिस्तान सरकार ने तालिबान सरकार से लगातार आतंकवादी समूहों को सीमा पार हमलों के लिए अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल करने से रोकने का आग्रह किया है. हालांकि, काबुल इन आरोपों से इनकार करता है और उसका कहना है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ नहीं किया जा रहा है.
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) द्वारा बार-बार आतंकवादी हमले किए जाने के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच स्थिति बिगड़ गई. हाल ही में टीटीपी ने अशांत खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई जिले में हमला किया था, जिसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर सहित 11 सैन्यकर्मी मारे गए थे.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते पाकिस्तान के हवाई हमलों में अफगानिस्तान के 37 नागरिक मारे गए हैं.










