दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों को अनुमति, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, माननी होंगी ये शर्तें

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक ग्रीन पटाखों की बिक्री की इजाजत दे दी है। शीर्ष अदालत ने शर्तों के साथ ग्रीन पटाखों की बिक्री की इजाजत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारी गश्ती दल गठित करेंगे जो इस बात पर नजर रखेंगे कि केवल क्यूआर कोड वाले ग्रीन पटाखे बेचे जाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस दिया जाए। ग्रीन पटाखों का उपयोग शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक ही सीमित रहेगा। ई-कॉमर्स वेबसाइटों से पटाखों की बिक्री नहीं की जाएगी।

ग्रीन पटाखों के बाद वायु प्रदूषण में कमी

CJI ने कहा कि हमने सॉलिसिटर जनरल और एमिकस क्यूरी के सुझावों पर विचार किया है। हमने पाया है कि उद्योग जगत की भी चिंताएं हैं। पारंपरिक पटाखों की तस्करी की जाती है जिससे ज्यादा नुकसान होता है। हमें एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा। हरियाणा के 22 जिलों में से 14 जिले एनसीआर में आते हैं। जब प्रतिबंध लगाया गया था, तबसे कोविड काल को छोड़कर वायु गुणवत्ता में ज्यादा अंतर नहीं आया था। ग्रीन पटाखों के आने के बाद पिछले छह वर्षों में ग्रीन पटाखों से प्रदूषण में काफी कमी आई है। इसमें NERE का भी योगदान रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने सीपीसीबी और एनसीआर के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को दिवाली के बाद प्रदूषण पर रिपोर्ट सौंपने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनसीआर के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 18 अक्टूबर से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की निगरानी करेंगे।

दिल्ली-एनसीआर के बाहर से आने वाले किसी भी पटाखे को यहां नहीं बेचा जा सकता और अगर ऐसा पाया गया तो विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए जाएंगे।

गश्ती दल पटाखा निर्माताओं की नियमित जांच करेंगे, उनके क्यूआर कोड वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे।

News 7
Author: News 7

Leave a Comment

और पढ़ें

Orpheus Financial