दिल्ली में कलमनाथ और दिग्विजय की मुलाक़ात, सारे शिकवे-गिले भुलाके दोनों मिले गले

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली : मध्य प्रदेश में कांग्रेस अगर दो पैरों पर चल रही है तो एक पैर दिग्विजय सिंह का है तो दूसरा कमलनाथ का. हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार और फिर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कमलनाथ द्वारा बीजेपी ज्वाइन करने की अटकलों और अफवाहों के बाद कांग्रेस का एक पैर काफी कमजोर दिखने लगा. इसके बाद दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच सामंजस्य गड़बड़ा गया.

छोटे-मोटे मतभेद होते रहते हैं, मनभेद कभी नहीं

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा “कमलनाथ जी और मेरे लगभग 50 सालों से पारिवारिक संबंध रहे हैं. हमारे राजनैतिक जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहे हैं और यह स्वाभाविक भी है. हमारे बीच छोटे-मोटे मतभेद रहे हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं रहा. हमारा सारा राजनैतिक जीवन कांग्रेस में रहते हुए विचारधारा की लड़ाई एकजुट होकर लड़ते हुए बीता है और आगे भी लड़ते रहेंगे. हमारी मुलाकात हुई है. हम दोनों को कांग्रेस पार्टी नेतृत्व ने खूब अवसर दिए और जनता का प्यार सदैव मिलता रहा. आगे भी हम जनता के हित में कांग्रेस के नेतृत्व में सेवा करते रहेंगे.”

इंदरव्यू में दिए बयान पर कमलनाथ ने किया था पलटवार

हाल में ही दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच वार-पलटवार एक इंटरव्यू के बाद शुरू हुआ था. दिग्विजय सिंह ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया था. इसमें मध्यप्रदेश में मार्च 2020 में कमलनाथ की सरकार गिरने की वजह को लेकर जब दिग्विजय सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा ” 2020 की शुरूआत में ही कमलनाथ और सिंधिया के बीच मतभेद पैदा हो गए. ये मतभेद विचारधारा को लेकर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत थे. इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक उद्योगपति के घर दोनों की बैठक तय की गई, ताकि सरकार को किसी तरह का खतरा न हो. बैठक में सिंधिया ने कमलनाथ को एक विशलिस्ट दी थी, जिसमें ग्वालियर और चंबल क्षेत्र से जुड़े कामों का जिक्र था.”

 

News 7
Author: News 7

Leave a Comment

और पढ़ें

Orpheus Financial