नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज खत्म हो गया। भारी हंगामे के बीच राज्यसभा और लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। 13 अगस्त 2026 को सत्र के आखिरी दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ समाप्त हुई। मानसून सत्र पूरा हंगामे भी भेंट चढ़ गया।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रगीत के बाद फ़ौरन स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। सदन की समाप्ति के वक्त पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे।
लोकसभा के बाद राज्यसभा को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। आखिरी दिन करीब एक घंटे तक हंगामे के बीच चर्चा हुई, जिसके बाद वंदे मातरम् गाकर सत्र का समापन किया गया।
पूरे सत्र के दौरान नीट NEET पेपर लीक, परीक्षाओं से जुड़े संशोधन कानून, और झारखंड के प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। संसद परिसर के बाहर भी दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किए गए।
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद चाय पार्टी हुई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की तरफ से आयोजित पार्टी में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसद शामिल नहीं हुए।
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन की ओर से आयोजित चाय पार्टी में विपक्ष के नेताओं ने हिस्सा लिया। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी भी शामिल थीं।









