उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र में बोले सीएम धामी, “आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाएंगे”

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लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने वाले संविधान संशोधन विधेयक के असफल होने के बाद आज मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष सत्र शुरू होते ही कहा कि देश की नारियों को विश्वास दिलाते हैं कि उनका अधिकार अवश्य मिलेगा। आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाएंगे ताकि मातृशक्ति विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सके।

सीएम धामी ने नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पर कहा कि प्रधानमंत्री ने इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का काम किया, लेकिन कांग्रेस और सहयोगी दलों ने अफवाह और झूठी दलीलें देकर भ्रमित करने का काम किया। यही विरोध करने का काम आज विपक्ष उत्तराखंड में भी कर रहा है।

विधानसभा में हंगामे के बीच सीएम धामी ने अपने संबोधन कहा कि विपक्ष ने देश की गरीब बेटियों के बारे में कभी नहीं सोचा। आज उज्ज्वला योजना ने मातृ शक्ति को चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाई। सीएम धामी ने ये भी कहा कि कांग्रेस ने विरोध इसलिए किया, कि अगर महिलाओं को आरक्षण मिल जाता, तो इसका श्रेय भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चला जाता।  मोदी जी इसका श्रेय विपक्ष को भी देने को तैयार थे।

सीएम ने कहा कि 11 वर्षों में जेंडर बजट में पांच गुना की वृद्धि हुई है।  बजट में बेटियों के लिए 5 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। 11 वर्षों में देश में संस्थागत प्रसव 61 से बढ़कर 97% हो गया। सुकन्या समृद्धि के तहत 8.2 % की ब्याज दर के साथ टैक्स फ्री लाभ दिया जा रहा है।

सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष भूल गया कि रावण का अंत भी माता सीता के अपमान की वजह से हुआ था। उनेहोंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि किसी राज्य की सीटें नहीं घटेंगी। अगर मातृशक्ति को आरक्षण मिल जाता, तो किसी का क्या जाता। सीटें बढ़ जाती तो महिलाओं को उनका हक मिल जाता। बढ़ी सीटें तो आखिर महिलाओं को ही मिलनी थीं।तो फिर कांग्रेस ने इसे रोकने का काम क्यों किया।

CM धामी ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि कार्यों में महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को इसका लाभ मिला। तीन तलाक की कुप्रथा से मुस्लिम महिलाओं को निजात मिली। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाएं सशक्त और सुरक्षित हैं।

उधर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि मैं सत्ता पक्ष से पूछना चाहता हूं कि इस सत्र को बुलाने का क्या औचित्य है। जब कानून 2023 में लागू हो चुका था, तो इसको लागू करने में इतना समय क्यों लगाया गया। अब तक क्यों लागू नहीं किया गया। केंद्र सरकार कह रही है कि हम 2029 में महिलाओं को आरक्षण देंगे। लेकिन जनगणना में इतना समय लगेगा तो कैसे संभव होगा।बीजेपी सपने दिखाने और सपने गढ़ने में सबसे आगे है।

 

 

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Author: News 7

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