पौड़ी गढ़वाल: भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज’ के द्वितीय संस्करण का भव्य समापन गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में किया गया। उत्तराखंड की मीनाक्षी और दिगंबर ने क्रमश: महिला और पुरुष वर्ग में गोल्ड मेडल जीते। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री धामी पहुंचे।इसमें सेना के 100 जवानों और 200 अन्य धावकों ने हेलंग से उखीमठ तक की कठिन यात्रा पूरी की।
पुरुष वर्ग में दिगंबर बने चैंपियन: खिलाड़ी दिगंबर सिंह, जो चमोली के निवासी हैं, ने बताया कि वे काफी समय से रांसी मैदान में प्रशिक्षण ले रहे हैं।उन्होंने पहले भी कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, जहां उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इस बार भी उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर जीत हासिल की है।
महिला वर्ग में मीनाक्षी बनीं चैंपियन: वहीं, पौड़ी के थली गांव की रहने वाली खिलाड़ी मीनाक्षी ने भी इस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। मीनाक्षी पिछले दो से ढाई वर्षों से रांसी मैदान में नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वे कई प्रतियोगिताओं में भाग लेकर प्रथम स्थान हासिल कर चुकी हैं।इस जीत से उनका आत्मविश्वास और मनोबल दोनों बढ़ा है।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य सीमांत ग्रामीण क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और पारंपरिक यात्रा मार्गों को पर्यटन से जोड़ना है। 113 किलोमीटर लंबी इस कठिन सहनशक्ति प्रतियोगिता में देशभर से करीब 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दुर्गम पहाड़ी रास्तों से गुजरते हुए प्रतिभागियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, धैर्य और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
16 अप्रैल को बदरीनाथ से हुई थी शुरुआत: इस रोमांचक सफर की शुरुआत 16 अप्रैल को बदरीनाथ में आयोजित एक्सपो के साथ हुई। इसके बाद 17 अप्रैल को हेलंग से कलगोट, 18 अप्रैल को कलगोट से मंडल और 19 अप्रैल को मंडल से ऊखीमठ तक मैराथन के विभिन्न चरण आयोजित किए गए। चार दिनों तक चले इस चुनौतीपूर्ण आयोजन में प्रतिभागियों ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया।
समापन समारोह गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में आयोजित हुआ, जहां प्रतिभागियों के साथ गढ़वाल स्काउट्स के जवान और विश्वविद्यालय के छात्र भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री धामी द्वारा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रणनीतिक दृष्टि से भी राज्य को नई गति मिली है। पौड़ी शहर के रांसी मैदान में लंबे समय से प्रशिक्षण ले रहे दो खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है. इस उपलब्धि के बाद दोनों खिलाड़ियों ने अपनी खुशी जाहिर की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान मिल रही है।उन्होंने बताया कि राज्य में सिर्फ पर्यटन ही नहीं, बल्कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण पर भी तेजी से काम हो रहा है।









