नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर पर एक बयान जारी किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे उम्मीद है कि इस समझौते से पश्चिम एशिया में पक्की शांति आएगी।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हम सीजफायर का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में हमेशा के लिए शांति आएगी। जैसा कि हमने पहले भी कहा है, चल रहे युद्ध को जल्दी खत्म करने के लिए डी-एस्केलेशन, बातचीत और डिप्लोमेसी जरूरी है। इस झगड़े ने पहले ही लोगों को बहुत तकलीफ दी है और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और ट्रेड नेटवर्क में रुकावट डाली है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट से बिना किसी रुकावट के नेविगेशन की आजादी और ग्लोबल कॉमर्स का फ्लो बना रहेगा।
इससे पहले अमेरिका प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर ‘बमबारी और हमला’ कैंपेन रोक दिया था, दो हफ़्ते के दोतरफा सीजफायर का ऐलान किया था और कहा था कि ईरान का 10-पॉइंट प्रपोजल काम करने लायक है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि दस-पॉइंट का प्रपोजल एक परमानेंट डील के लिए बातचीत का आधार बनेगा, साथ ही उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ने अपने ज्यादातर मिलिट्री मकसद हासिल कर लिए हैं।










