लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब को लेकर बने गतिरोध का असर गुरुवार को राज्यसभा में भी देखने को मिला. सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद ही खूब हंगामा हुआ. नेता सदन जेपी नड्डा और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच खूब आरोप-प्रत्यारोप चले.
इस दौरान कार्यवाही में व्यवधान नहीं डालने की अपील करते हुए जेपी नड्डा ने खरगे से अपील की कि कांग्रेस पार्टी को एक अबोध बालक का बंधक मत बनाइए. उन्होंने यह बात सीधे तौर पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी निशाना साधते हुए कही. जेपी नड्डा ने कहा कि अबोध और अहंकार का मिक्सचर डेडली होता है. कांग्रेस को उस अबोध व्यक्ति से बाहर निकलना चाहिए.
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं देना का आरोप गलत है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में राहुल गांधी निर्धारित समय से 20 मिनट अधिक समय दिया गया, लेकिन उन्होंने बार-बार स्पीकर की रूलिंग को तोड़ा. स्पीकर के बार-बार मना करने के बाद वह वही बात बोलते रहे जिसकी अनुमति नहीं थी.
इस दौरान सदन के नेता जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे में भी खूब तर्क-वितर्क हुए. सदन की कार्यवाही में व्यवधान नहीं डालने की अपील करते हुए जेपी नड्डा ने खरगे से अपील की कि कांग्रेस पार्टी को एक अबोध बालक का बंधक मत बनाइए.










