कोलकाता: विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान स्टेडियम में हुई भारी हंगामा हुआ था जिसको लेकर सरकार की बड़ी किरकिरी हुई थी। प्रशासनिक कमियों के कारण पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर राजनीतिक और नौकरशाही में बदलाव हुआ है. खेल प्रमियों की तरफ से भारी आलोचना के बाद राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया. साथ ही उन्होंने सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई गड़बड़ी की “नैतिक जिम्मेदारी” लेते हुए इस्तीफ़ा दे दिया है।
वहीं, राज्य सरकार ने अब तक की सबसे कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार और बिधाननगर पुलिस कमिश्नर मुकेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया.
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि ममता बनर्जी सरकार 13 दिसंबर को मशहूर फुटबॉलर मेसी के कार्यक्रम दौरान हुई अव्यवस्था, भीड़ के कुप्रबंधन और सुरक्षा में चूक की घटनाओं से हुई आलोचनाओं को कितनी गंभीरता से ले रही है.
सरकार के सूत्रों ने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बिस्वास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि की. बिस्वास के हाथ से लिखे इस्तीफे के पत्र में, जिसकी तारीख 15 दिसंबर है और जिसमें मुख्यमंत्री को “आदरणीय दीदी” कहकर संबोधित किया गया है, कहा गया है कि वह “निष्पक्ष जांच” के हित में पद छोड़ना चाहते हैं. उन्होंने लिखा कि वह नहीं चाहते कि उनके पद पर बने रहने से जांच पर कोई असर पड़े.
खेल मंत्री के इस्तीफे से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है. मुख्य सचिव के दफ्तर से जारी एक प्रेस रिलीज में, राज्य सरकार ने कहा कि DGP राजीव कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें 24 घंटे के अंदर यह बताने को कहा गया है कि इतने बड़े पैमाने पर कुप्रबंधन कैसे होने दिया गया और निजी आयोजकों और दूसरे हितधारकों के साथ प्रभावी तालमेल की कमी क्यों थी. बिधाननगर पुलिस कमिश्नर मुकेश कुमार से भी उनके कमिश्नरेट की भूमिका के बारे में इसी तरह का स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.
13 दिसंबर को सॉल्ट लेक स्टेडियम में अव्यवस्था के बाद से ही खेल विभाग पर दबाव बढ़ रहा था, जनता और पूरे राजनीतिक गलियारों से आलोचना हो रही थी, क्योंकि इस घटना को दुनिया के सबसे मशहूर खिलाड़ियों में से एक के इवेंट के लिए प्लानिंग और कोऑर्डिनेशन की नाकामी के तौर पर देखा जा रहा था.










