हॉन्ग कॉन्ग के कई अपार्टमेंट में भीषण आग, 44 की मौत, सैकड़ों लोग घायल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो जिले में गगनचुंबी इमारतों में अचानक भीषण आग लग गई. आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है. इस हादसे में 44 लोगों की मौत होने की खबर है. वहीं सैकड़ों लोग घायल है. बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया गया है.

हांगकांग के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के इसकई ऊंचे अपार्टमेंट ब्लॉक में भयानक आग लग गई. इस हादसे में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग लापता हैं. आग भड़कने की वजह से दमकलकर्मियों को ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों तक पहुंचने में मुश्किलें हुई. अधिकारियों ने गुरुवार सुबह बताया कि इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो डायरेक्टर और एक कंसल्टेंट शामिल है.

कॉम्प्लेक्स के आठ टावरों में से सात जहाँ कई बुजुर्ग लोग रहते थे. आग लगने के कई घंटों बाद भी जल रहे थे. माना जा रहा है कि यह आग हांगकांग में लगभग 30 सालों में सबसे खतरनाक आग है. इसने 1996 की बदनाम गार्ले बिल्डिंग आग को भी पीछे छोड़ दिया जिसमें 41 लोग मारे गए थे.

इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि आग इतनी तेजी से कैसे फैली. रिपोर्ट के मुताबिक, फायर सर्विसेज के डायरेक्टर एंडी येउंग ने कहा कि क्रू ने देखा कि कई यूनिट्स में पॉलीस्टाइनिन बोर्ड खिड़कियों को ब्लॉक कर रहे थे. इस देखकर वे अचंभे में रहे. उन्होंने कहा, ‘ये पॉलीस्टाइनिन बोर्ड बहुत ज्यादा आग पकड़ने वाले होते हैं और आग बहुत तेजी से फैली.’

येउंग ने कहा, ‘उनकी मौजूदगी अजीब थी, इसलिए हमने आगे की जांच के लिए घटना को पुलिस को भेज दिया है.’ हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली ने कहा कि शहर की हाउसिंग अथॉरिटी यह भी जांच करेगी कि रिनोवेशन के दौरान इमारतों पर लगी प्रोटेक्टिव लेयर आग से बचाने के लिए काफी थीं या नहीं. उन्होंने कहा, ‘हम कानून और नियमों के हिसाब से उन्हें जिम्मेदार ठहराएंगे.’

अधिकारी बांस के मचान की भूमिका पर भी गौर कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर हांगकांग की इमारतों को कंस्ट्रक्शन या मरम्मत के काम के दौरान इस्तेमाल किया जाता है, इसे पहले भी आग फैलने का एक कारण बताया गया है.

News 7
Author: News 7

Leave a Comment

और पढ़ें

Orpheus Financial