टैरिफ, वीजा, चाबहार बंदरगाह… अब क्या होगा ट्रंप का अगला कदम?

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अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारत पर टैरिफ लगाए जाने के बाद से दोनों देशों की बीच संबंध और कटू हो गए. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातों से ऐसा नहीं झलकता है कि वह भारत के विरुद्ध इतने कड़े फैसले ले सकते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल में भी भारत के साथ दोस्ती को लेकर बड़ी मीठी बातें की.

ट्रंप ने हाल के अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत को करीबी बताया. खुद को पीएम मोदी का नजदीकी कहा. पीएम मोदी के साथ अच्छे संबंध होने की बात कही. हालांकि उनकी करनी, कथनी के ठीक विपरीत है. ट्रंप प्रशासन ने करीब आधा दर्जन ऐसे फैसले लिए जिससे भारत प्रभावित हुआ और संबंध भी बिगड़े.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पदभार संभालने के बाद MAGA (अमेरिका को फिर से महान बनाओ ) नारे को बुलंद किया. इसके तहत कई ऐसे कदम उठाए जिसका सीधा असर भारत पर पड़ा. समय के साथ राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का मुद्दा उठाया. इससे पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया. भारत भी इससे अछूता नहीं रहा. इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस और यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी उठाया और इसे भारत से जोड़ दिया.

उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि भारत रूस से तेल खरीदता है इसलिए उसे आर्थिक बल मिलता है. उन्होंने भारत पर रूस से तेल नहीं खरीदने के लिए दबाव बनाया. भारत रूस पर तीखा हमला करने के दौरान उनके बोल भी बिगड़े. उन्होंने दोनों के बीच की अर्थव्यवस्था को डेड इकोनॉमी तक कह डाला. इसी क्रम में टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया. 25 फीसदी का टैरिफ रूस के साथ कारोबार करने पर अतिरिक्त जुर्माना के रूप में लगाया. आर्थिक मामलों के जानकारों ने राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले की आलोचना की. अमेरिका में ही कई विशेषज्ञों ने इस फैसले का विरोध किया।

1. भारत को एच-1बी वीजा का झटका

अमेरिका ने एच 1बी वीजा फीस बढ़ाकर भारत को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप प्रशासन ने प्रोफेशनल के अमेरिका जाने में बड़ी बाधा खड़ी कर दी है. एच 1बी वीजा एप्लीकेशन के लिए सलाना फीस एक लाख अमेरिकी डॉलर कर दिया. यह तकरीबन करीब 89 लाख रुपये है. ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से प्रोफेशनल के बीच हाहाकार मचा हुआ है. ये फैसला भारतीय आईटी पेशेवरों को सबसे अधिक प्रभावित करेगा.

2. अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह पर दी छूट वापस ली

अमेरिका ने ईरान के चाबहार पोर्ट को लेकर प्रतिबंध छूट को रद्द कर भारत को बड़ा झटका दिया है. ये 29 सितंबर, 2025 से प्रभावी होगा. भारत के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से चाबहार पोर्ट काफी महत्वपूर्ण है. भारत अरबों डॉलर लगाकर इसे विकसित कर रहा है ताकि व्यापारिक संबंधों को मजबूत किया जा सके. इससे निवेश डूबने का भी खतरा है. हालांकि अमेरिका का कहना है कि यह ईरान की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों को रोकने के लिए है.

भारत ओमान की खाड़ी में स्थित चाबहार बंदरगाह पर एक टर्मिनल के विकास में शामिल है. भारत ने इस पोर्ट के संचालन के लिए 10 साल के अनुबंध पर पिछले साल मई में ही हस्ताक्षर किए. इससे उसे मध्य एशिया के साथ व्यापार बढ़ाने में मदद मिलेगी. यह पहली बार था जब भारत किसी विदेशी बंदरगाह का प्रबंधन अपने हाथ में ले रहा था.

3. भारत पर लगागा 50 फीसदी टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अगस्त में भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जिससे भारत से आयात होने वाले सामानों पर लगने वाला टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया. रूसी तेल खरीद के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की ओर से अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया. ट्रंप प्रशासन ने कहा कि रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करने पर यह कदम उठाया गया. ट्रंप ने कहा कि भारत को रूस से तेल खरीदना बंद करना था।

4. भारतीय प्रवासियों को वापस भेजने की कार्रवाई

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पदभार संभालने के साथ ही अवैध भारतीय प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी. आरोप है कि ऐसे भारतीयों के साथ अमानवीय कार्रवाई की गई. ट्रंप प्रशासन ने मास डिपोर्टेशन योजना के तहत यह कार्रवाई की. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डिपोर्टेशन के लिए करीब 18 हजार भारतीयों को चिन्ह्त किया गया था.

5. भारत को प्रमुख अवैध ड्रग्स उत्पादक देशों की लिस्ट में डाला

अमेरिकी प्रशासन ने भारत को 23 देशों को ड्रग्स तस्करी और अवैध ड्रग्स प्रोडक्शन करने वाले देशों की सूची में शामिल किया. व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप ने संसद को उन प्रमुख देशों की लिस्ट सौंपी, जिनके द्वारा अमेरिका में अवैध ड्रग्स की आपूर्ति और तस्करी की जाती है.

अमेरिका ने भारत के साथ चीन, पाकिस्तान को भी इस सूची में शामिल किया. यह सूची ऐसे समय में जारी की गई जब कई देशों की गई जब टैरिफ को लेकर वैश्विक हाहाकार मचा है. अमेरिका ने खासकर चीन पर बड़ा निशाना साधा. कहा कि चीन फेंटेनाइल रसायन बनाने वाला सबसे बड़ा देश है.

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Author: News 7

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