चुनाव खत्म होते ही देश में महंगाई की मार एक बार फिर आम आदमी और व्यापारियों की जेब पर पड़ी है। केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है।
सरकारी तेल कंपनियों के फैसले के बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 3,071.50 रुपये हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर व्यापार और खाद्य सामग्री की कीमतों को प्रभावित करेगी। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर खाना महंगा होना अब तय माना जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने X पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने पोस्ट में जनता के दर्द को बयां करते हुए लिखा, ‘सिलेंडर महंगा नहीं होता, रोटी-थाली महंगी होती है। ये बात वही जानता है जो खुद खरीदकर खाता है, वो नहीं जो दूसरों के यहां जाकर खाता है या दूसरों की थाली से चुराता है।’ उन्होंने आगे तंज कसते हुए पूछा कि 1000 रुपये में 7 रुपये कम करके भाजपा वाले किस पर अहसान कर रहे हैं?
वहीं कांग्रेस ने भी सरकार पर जमकर हमला किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि चुनाव के बाद महंगाई बढ़ेगी, और ऐसा ही हुआ।
आम लोगों की थाली पर पड़ेगा सीधा असर
उन्होंने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जिससे छोटे व्यापारियों, होटल, ढाबा, बेकरी और हलवाई जैसे व्यवसायों पर असर पड़ेगा। उनका कहना है कि इसका सीधा असर आम लोगों की थाली तक पहुंचेगा और आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी असर दिख सकता है।
राहत की बात सिर्फ इतनी है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरेलू रसोई के बजट पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा।









