देहरादून-ऋषिकेश सिक्स लेन परियोजना के तहत ‘सात मोड़’ पर 3 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रोक लगा दी है। पेड़ कटने से बचने के बाद पर्यावरण प्रेमियों ने खुशी जताई है और उन्होंने इसे ‘बड़ी जीत’ बताया है। दरअसल यह इलाका हाथी कॉरिडोर और संवेदनशील वन क्षेत्र में आता है। सड़क चौड़ी करने के लिए पेड़ों को काटने का प्रस्ताव था। जिस पर सीएम धामी ने रोक लगा दी है।
लगातार हो रहे जनआंदोलन और पर्यावरण प्रेमियों के भारी विरोध को देखते हुए सरकार को यह फैसला टालना पड़ा है। जब तक इस परियोजना पर सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति नहीं बन जाती, तब तक पेड़ों का कटान स्थगित रहेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नागरिकों और पर्यावरणविदों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी हितधारकों से दोबारा बातचीत करें।
पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इसे ‘ब्लैक हरेला’ के रूप में मनाया था और पेड़ों को बचाने के लिए सड़कों पर उतरकर भारी प्रदर्शन किए थे।
रोक लगने के बाद पर्यावरणविदों और नागरिकों ने राहत की सांस ली है। उनका मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ सैकड़ों वन्यजीवों का घर बचेगा, बल्कि आने वाला भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।
नागरिकों का कहना है कि पेड़ रहेंगे तभी उत्तराखंड का भविष्य और यहां का पर्यावरण सुरक्षित रहेगा। विकास के नाम पर इस पर्यावरण को उजाड़ने नहीं दिया जाएगा।









