अयोध्या राम मंदिर दान और चढ़ावा घोटाला मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक गोपनीय रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है।करीब 150 पन्नों की इस शुरुआती रिपोर्ट के सौंपे जाने के बाद शासन स्तर पर हड़कंप मच गया है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुरू है।
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि ये गोपनीय रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट को शासन को सौंप दी गई है। ये इंट्रिम रिपोर्ट है, अभी जांच चल रही है और फाइनल रिपोर्ट इसके बाद आएगी।
SIT ने केवल 6 दिनों के भीतर लगभग 60 घंटे तक मैराथन जांच की है। इस मामले में मंदिर के 4 पुजारियों, सुरक्षाकर्मियों, तकनीकी कर्मचारियों और ट्रस्ट से जुड़े 150 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी लॉग और वित्तीय विसंगतियों से जुड़े डिजिटल सबूतों को 9 अलग-अलग पेन ड्राइव में पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई कर्मचारियों और संदिग्धों के अयोध्या से बाहर जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
SIT की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सबकी निगाहें सीएम योगी पर टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में ही साफ कर दिया था कि “15 दिन का समय दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा”।









