नई दिल्ली: पीएम मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद दोनों देशों के नेताओं ने अपना संबोधन दिया।
पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ मीटिंग के बाद भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने मिडिल ईस्ट की जंग को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक तनाव के इस दौर में भारत और कोरिया शांति और स्थिरता का संदेश दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश मिलकर एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी इंडो पैसेफिक क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने यह भी जोर दिया कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार आवश्यक है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया अगले दशक की सफलता की नींव रख रहे हैं। उन्होंने “इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज” की शुरुआत का ऐलान किया, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाएगा। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आज आयोजित बिजनेस फोरम इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार आज 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। 2030 तक इसे 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।









