केंद्र सरकार ने LPG सिलिंडर की जमाखोरी रोकने और घरेलू गैस संकट को टालने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम ESMA लागू किया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और काले बाजारी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
ESMA लागू होने के बाद प्राथमिक सेक्टर्स को एलपीजी और अन्य ईंधन की सप्लाई में विशेष प्रायोरिटी दी जाएगी। इसका मतलब है कि अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान और अन्य महत्वपूर्ण सेक्टरों को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सरकार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई थी। ऐसे में ESMA का लागू होना संकट से निपटने और आम जनता को राहत देने का बड़ा कदम है।
सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियम में बदलाव करते हुए न्यूनतम अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। यानी किसी भी उपभोक्ता को नए सिलेंडर की बुकिंग करने के लिए पिछली डिलीवरी के बाद कम से कम 25 दिन इंतजार करना होगा। इस फैसले का मकसद गैस सिलेंडर की जमाखोरी को रोकना और सप्लाई को संतुलित रखना है।
पश्चिम एशिया में संकट के कारण तेल और गैस की सप्लाई में आई बाधाओं की आहट भारत तक पहुंच रही है। देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी की खबरों ने होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है।










