देहरादून – बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर उत्तराखंड डीजीपी दीपम सेठ ने हाई लेवल मीटिंग की. इस बैठक में पुलिस के आला अधिकारी मौजूद थे. आपराधिक घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है.
ऋषिकेश में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने की घटना पर लापरवाही बरतने पर एम्स चौकी प्रभारी एसआई साहिल वशिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही देहरादून में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी एसआई प्रद्युम्न नेगी को भी सस्पेंड किया गया है.
हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में बिनारसी गांव में रविदास जयंती पर दो पक्षों में हुए संघर्ष और फायरिंग की घटना में गंभीर लापरवाही पर हल्का प्रभारी चुड़ियाला एसआई सूरत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पूरे प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक क्राइम हरिद्वार जितेंद्र मेहरा को सौंपी गई है. अन्य पुलिस कर्मियों की लापरवाही पर विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है.
उधम सिंह नगर के काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में भूमि संबंधी मामले में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आरोपों के मद्देनजर भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामलों में निष्पक्ष व कार्रवाई के लिए अनिवार्य रूप से सीओ स्तर पर समय से जांच के निर्देश दिए गए हैं.
वहीं, देहरादून युवती की हत्या की घटना में जल्द कार्रवाई के लिए देहरादून एसएसपी अजय सिंह की ओर से जिला स्तर पर एसपी सिटी के पर्यवेक्षण में एसआईटी टीम का गठन किया गया है. मुकदमे की विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को सौंपा गया है.
एसआईटी की ओर से प्रकरण में दर्ज मुकदमे में विवेचना की गुणवत्ता, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों के संकलन, घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेजों का अवलोकन व मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयानों के आधार पर जल्द कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया जाएगा. ताकि, प्रकरण को न्यायालय में फास्ट ट्रैक ट्रायल कराकर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाया जा सके.










