एंजेल चकमा हत्या केस: पूर्वोत्तर के छात्रों ने देहरादून में निकाला कैंडल मार्च, कहा- ‘हमें न्याय चाहिए’

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देहरादून:  देहरादून में हुए त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा के मर्डर का मामला शांत नहीं हो रहा है. हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं. बुधवार को साल 2025 के आखिरी दिन 31 दिसंबर को पूर्वोत्तर के छात्रों ने एंजेल चकमा की हत्या के विरोध में देहरादून में कैंडल मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी नस्लीय भेदभाव के खिलाफ नारे लगाते हुए न्याय की मांग कर रहे थे.

यूटीएसए यानी यूनिफाइड त्रिपुरा स्टूडेंट्स एसोसिएशन के बैनर तले, देहरादून के अलग-अलग संस्थानों के छात्र बुधवार 31 दिसंबर को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के गांधी पार्क के बाहर इकट्ठा हुए. इसके बाद उन्होंने हाथों में मोमबत्तियां लीं और घंटाघर तक मार्च किया. यूटीएसए के इस कैंडल मार्च में अनेक दूसरे राज्यों के छात्र भी शामिल थे.

कैंडल मार्च के साथ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने हाथों में एंजेल चकमा की तस्वीर वाले बैनर थे. ये लोग ‘नस्लवाद बंद करो’, ‘हम भारतीय हैं’, ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगा रहे थे. यूनिफाइड त्रिपुरा स्टूडेंट्स एसोसिएशन, देहरादून के जनरल सेक्रेटरी चुरंता त्रिपुरा ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. इसलिए वो इसे नस्लवाद से जुड़ा मामला नहीं मान रही है.

एंजेल चकमा के परिवार और दोस्तों ने इस घटना को नस्लीय टिप्पणियों का नतीजा बताया था. वहीं देहरादून पुलिस ने कहा कि उनकी अब तक की जांच में नस्लीय भेदभाव का कोई सबूत नहीं मिला है.

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Author: News 7

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