नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन लोकसभा में चुनावी सुधारों पर बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर हमला किया।शाह ने लोकसभा में विपक्ष, खासकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने SIR प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए विपक्ष के आरोपों को ‘झूठ’ और ‘भ्रम फैलाने’ का प्रयास कहा.
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष कई महीनों से SIR पर झूठ फैला रहा है, लेकिन अब चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए सहमत होने पर सरकार ने बहस की अनुमति दी. उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे पहले अपनी हार के कारणों पर ध्यान दें, न कि मतदाता सूची पर.
गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में ‘वोट चोरी’ के तीन उदाहरण बताए. उन्होंने कहा, वोट चोरी के तीन आधार होते हैं. पहला, योग्यता नहीं है और आप वोटर बनकर बैठे हैं, ये वोट चोरी मानी जाती है. दूसरा, आप गलत प्रकार से चुनाव जीतते हैं. तीसरा वोट के विपरीत पद प्राप्त करना. ये तीनों ही वोट चोरी के दायरे में आती हैं. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोला.
उन्होंने कहा कि 1946 में प्रधानमंत्री पद के लिए वोटिंग में सरदार पटेल को 12 में से 12 वोट मिले, लेकिन नेहरू को 2 वोट दिखाए गए. फिर भी नेहरू प्रधानमंत्री बने. शाह ने इसे ‘वोट चोरी’ का पहला उदाहरण बताया.
गृह मंत्री ने ये भी आरोप लगाया कि 1971 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 70 फीसदी वोटों के साथ केवल 11 सीटें जीतीं, लेकिन गठबंधन से सत्ता हासिल की. शाह ने कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी का मामला भी उठाया. अमित शाह ने सवाल उठाया कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता लेने से पहले कैसे वोटर बनीं. उन्होंने इसे अदालतों में विचाराधीन मामला बताया.
भाषण के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शाह को बीच में रोकते हुए SIR पर खुली बहस की चुनौती दी. उन्होंने हरियाणा चुनाव में 19 लाख फर्जी वोटरों का उदाहरण दिया और कहा, “पहले चुनाव आयोग को पूर्ण इम्युनिटी देने के आपके आइडिया पर जवाब दीजिए.” जिस पर गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि, “मैं पिछले 30 साल से विधायक और सांसद हूं. संसद आपके हिसाब से नहीं चलेगी… मेरे भाषण का क्रम मैं तय करूंगा, आप नहीं.”
शाह ने कहा कि विपक्ष की हार का कारण उनकी कमजोर नेतृत्व क्षमता है न कि SIR. उन्होंने कहा, “एसआईआर हो या न हो, कांग्रेस हार ही रही है. शाह ने तंज कसते हुए कहा कि, बिहार में यात्रा करने के बाद भी हार गए.










