चंपावत: लोहाघाट तहसील क्षेत्र के मंगोली इलाके में आतंक का पर्याय बन चुके आदमखोर गुलदार को आखिरकार वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया है. गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद वन विभाग के साथ ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. इस गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग को चार पिंजरे लगाने पड़े तो दर्जनों ट्रैप कैमरे से नजर रखी गई. इससे पहले मंगोली गांव में गुलदार ने एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया था. जिससे पूरे इलाके में दहशत फैली हुई थी.
आखिरकार रविवार यानी 23 नवंबर को चंपावत जिले के लोहाघाट के मंगोली गांव इलाके में दहशत का पर्याय बना आदमखोर गुलदार वन विभाग के पिंजरे में फंस गया है. आदमखोर के पिंजरे में फंसने से जनता और वन विभाग को बड़ी राहत मिली है. गौर हो कि बीते 12 नवंबर को गुलदार ने मंगोली के ग्रामीण भुवन राम को मौत के घाट उतार दिया था. इसके बाद पूरे क्षेत्र में गुलदार की दहशत फैल गई थी.
इतना ही नहीं बच्चों ने स्कूल जाना तक बंद कर दिया था. महिलाओं का चार पत्ती के लिए जंगल जाना पूरी तरह बंद हो चुका था. इसके अलावा यह गुलदार मंगोली के आसपास के गांवों में भी लगातार मंडराने लगा था. जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था. जनता की ओर से वन विभाग से जल्द से जल्द इस आदमखोर गुलदार को पकड़ने की मांग की जा रही थी.
रेंजर एनडी पांडे ने बताया कि इस आदमखोर के पकड़े जाने से क्षेत्र वासियों को बड़ी राहत मिली है. फिलहाल, मंगोली गांव में लगाए गए पिंजरों को एक हफ्ते तक वहीं रहने दिया जाएगा. इस गुलदार को रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा भेजा गया है. उधर, गुलदार के पकड़े जाने पर मंगोली के ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का आभार जताया है.










