बिहार के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर पहले चरण का मतदान गुरुवार को संपन्न हो गया. कुल 3.75 करोड़ मतदाताओं की भागीदारी वाले इस चरण में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. मतदान का प्रतिशत 64.46 रहा. वोटिंग शांतिपूर्ण रही. लखीसराय में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर हमले जैसी कुछ घटनाओं ने हलचल जरूर मचा दी.
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं का भारी मतदान एनडीए की ताकत बन सकता है, जैसा कि 2019 और 2024 लोकसभा चुनावों में देखा गया था.
जेडीयू नेता संजय झा ने कहा कि “महिलाओं का विश्वास नीतीश कुमार पर है, जो विकास और कल्याण योजनाओं का श्रेय जाता है.” चुनाव प्रचार के दौरान एनडीए ने 20 वर्षों के शासन का हवाला देते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार की उपलब्धियों पर जोर दिया. गुरुवार को सीएम नीतीश कुमार ने मतदान करने के बाद दावा किया कि ” फिर से ऐतिहासिक बहुमत लाएगा.”
वहीं आरजेडी ने दावा किया है कि इस बार जनता बदलाव के मूड में है और एंटी इनकंबेंसी के भरोसे जीत का दावा कर रही है।
अब 11 नवंबर को दूसरे चरण के लिए 122 सीटों पर मतदान होना है. 14 नवंबर को नतीजे आएंगे.










