हरियाणा के किसानों पर बारिश की मार, मंडियों में रखा 9.40 लाख टन धान भीगा, “ना मंडी में शेड की व्यवस्था, ना तिरपाल का इंतजाम”

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हरियाणा में सोमवार को मूसलाधार बारिश हुई. जिसके चलते किसानों को काफी नुकसान हुआ. तेज आंधी के साथ हुई बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है. खेत से लेकर मंडियों तक किसानों पर बारिश की मार पड़ी है. आंधी और बारिश के चलते एक तरफ खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई. दूसरी तरफ मंडियों में खुले में रखी फसल भी भीग गई.

हरियाणा में बारिश से धान की फसल को नुकसान: हरियाणा की अनाज मंडियों में अभी तक करीब 15.14 लाख टन धान की आवक हो चुकी है. इसमें से 11.17 लाख टन धान की बिक्री हुई है. उठान सिर्फ 5.74 लाख टन का हुआ है. वहीं, बाजरे, कपास व सब्जी की फसलों में भी नुकसान हुआ है.

जींद में सोमवार को 9 एमएम बारिश दर्ज की गई. सबसे ज्यादा जुलाना में 25 एमएम बारिश दर्ज की गई. बारिश से कृषि से संबंधित कार्यों पर भी ब्रेक लग गया. तेज हवा से धान फसल भी पसर गई और मंडियों में पड़ी धान फसल भीग गई. किसानों का कहना है कि खेत खलिहान से मंडियों तक धान, बाजरा तथा कपास की फसल फैली हुई है. सिवाय नुकसान के कुछ नहीं है.

नूंह में भी किसानों की फसल भीगी: पुन्हाना अनाज मंडी में भी किसानों की फसल बारिश के चलते भीग गई. मंडी प्रशासन की तरफ से फसल को बचाने का कोई इंतजाम नहीं दिखा. किसानों के मुताबिक मंडी में बने टीन शेड के नीचे व्यापारियों ने पहले से ही अपनी फसल लगाकर कब्जा किया हुआ है. जिसकी वजह से किसान अपनी फसल को खुले में रखने को मजबूर हुए. अब बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

 

News 7
Author: News 7

Leave a Comment

और पढ़ें

Orpheus Financial