नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह डिजिटल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. अब दिल्ली की सभी डीटीसी व क्लस्टर बसों में ऑटोमेटेड फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFCS) लागू कर दिया गया है. डीटीसी ने एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह व्यवस्था अब सभी बसों में लाइव है. इससे बसों में सफर करने वाले यात्रियों को अब खुले पैसों की समस्या से मुक्ति मिलेगी. डिजिटल भुगतान के जरिए यात्रा सहज हो जाएगी.
इस नई व्यवस्था के तहत हर बस परिचालक को एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) दी गई है. इसके जरिए यात्री अब अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई या नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) से सीधे टिकट का भुगतान कर सकते हैं. यह प्रणाली पूरी तरह कैशलेस और पारदर्शी है, जिससे किराया वसूली में पारदर्शिता आएगी और प्रत्येक लेन-देन का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित भी रहेगा.
चलो एप से टिकट बुकिंग पर किराए में छूट:
यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने के लिए डीटीसी ने चलो ऐप को भी एकीकृत किया है. यात्री इस ऐप के माध्यम से कहीं से भी टिकट बुक कर सकते हैं, अपनी बस की लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं. इसके साथ ही बस में भीड़ का अनुमान भी लगा सकते हैं. इस ऐप से टिकट लेने पर 10 प्रतिशत तक किराए में छूट भी है. यानी अब बस यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित व डिजिटल यात्रा का लाभ एक साथ मिलेगा.
इस पहल को दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में एक डिजिटल क्रांति के रूप में देखा जा रहा है. अब यात्रा न सिर्फ तेज व सुविधाजनक होगी, बल्कि दिल्ली सरकार के स्मार्ट सिटी के लक्ष्य की दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा. डीटीसी अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस सिस्टम को और विकसित किया जाएगा, जिससे बसों में स्मार्ट टिकटिंग, फीडबैक व ट्रैकिंग को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जा सके. इस पहल से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन का अनुभव निश्चित रूप से पहले से कहीं अधिक सहज, पारदर्शी व आधुनिक होगा.










