श्रीनगर: पिछले पांच महीनों से बंद रहने के बाद जम्मू-कश्मीर में 12 और पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को श्रीनगर राजभवन में एकीकृत मुख्यालय (यूएचक्यू) की बैठक में सुरक्षा समीक्षा के बाद जम्मू-कश्मीर में इन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया.
इस बैठक में पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियां सुरक्षा रणनीति की समीक्षा और रूपरेखा तैयार करने के लिए एकत्रित हुई. पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में 48 पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए थे लेकिन सुरक्षा ऑडिट के बाद अधिकारियों ने जून में उनमें से 16 स्थलों को खोल दिया.
सिन्हा ने घोषणा की, ‘आज की यूएचक्यू बैठक में गहन सुरक्षा समीक्षा और चर्चा के बाद, मैंने कश्मीर और जम्मू संभाग में और अधिक पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया है, जिन्हें एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था.’
ये स्थल 29 सितंबर को फिर से खुलेंगे. इनमें पहलगाम की अरु घाटी, राफ्टिंग पॉइंट यान्नर, अक्कड़ पार्क, पादशाही पार्क और कश्मीर में कमान पोस्ट शामिल हैं. जम्मू में ये स्थल हैं- रामबन में दागन टॉप, कठुआ में धागर, सलाल और रियासी में शिव गुफा. पहलगाम हमले के पांच महीने बाद, कश्मीर का पर्यटन उद्योग उबरने के लिए संघर्ष कर रहा है. पर्यटकों की निराशाजनक आमद के कारण आतिथ्य क्षेत्र और संबद्ध क्षेत्रों को आर्थिक नुकसान हो रहा है.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश के बाहर प्रचार अभियान शुरू करते हुए बंद पर्यटन स्थलों को खोलने की मांग की थी. सरकार आगामी पूजा और दिवाली त्योहारों का लाभ उठाकर इस क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास कर रही है, तथा अधिक पर्यटन स्थलों के खुलने से पर्यटकों के बीच सकारात्मक संकेत जाने की उम्मीद है.









