नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बाढ़ की स्थिति गहराने लगी है. क्योंकि हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनी कुंड बैराज से नियमित भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है. आज 5 सितंबर की सुबह को हथिनी कुंड बैराज से 1,10,883 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इस बड़े डिस्चार्ज का असर सीधे तौर पर राजधानी दिल्ली में देखने को मिल सकता है.
आज दिल्ली के वजीराबाद बैराज से 1,76,850 क्यूसेक और ओखला बैराज से 2,44,478 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. ताजा आंकड़ों के अनुसार ओल्ड रेलवे ब्रिज (लोहा पुल) पर सुबह 7 बजे यमुना का जलस्तर 207.33 मीटर दर्ज किया गया. यह स्तर खतरे के निशान से ऊपर है.
नदी में भारी मात्रा में पानी डिस्चार्ज का सबसे बड़ा असर यमुना किनारे बसे इलाकों पर पड़ा है. कई झुग्गी बस्तियों और कच्ची कॉलोनियों में पानी घुस गया है. हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं. ये लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. पानी के तेज बहाव में सैकड़ों झुग्गियां भी बह गई हैं. इससे लोगों का आशियाना उजड़ गया है.

ओखला बैराज पर भी उफान पर यमुना, कई कॉलोनियां बाढ़ की चपेट में :
दिल्ली में यमुना नदी लगातार उफान पर चल रही है. शुक्रवार सुबह 7 बजे तक ओखला बैराज पर यमुना का जलस्तर 201 मीटर से महज कुछ कम दर्ज किया गया. हालांकि गुरुवार की तुलना में मामूली गिरावट देखने को मिली है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. ओखला बैराज से छोड़े गए पानी से नदी में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही है जो किसी समुद्र की लहरों जैसी दिखाई दे रही हैं.
ओखला बैराज पर यमुना का जब से जलस्तर बड़ा है उसी समय से सभी गेट पूरी तरह खोल दिए गए हैं ताकि बढ़ते जलस्तर का दबाव कम किया जा सके. जानकारी के मुताबिक, बैराज पर पानी का स्तर 200 मीटर से ऊपर लेकिन 201 मीटर से नीचे बना हुआ है. हालांकि यमुना का ओवरऑल जलस्तर 207.33 मीटर दर्ज किया गया है. यमुना नदी के बढ़े जलस्तर से लगातार तेज बहाव के कारण आसपास के निचले इलाके पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.










