हरियाणा में बाढ़ का संकट: रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी पर बोला हमला, राहत पैकेज की मांग

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हरियाणा में भारी बारिश और नदियों के उफान ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। यमुना, घग्गर और अन्य नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने से हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है, फसलें तबाह हो गई हैं। इस संकट के बीच कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की सरकार और केंद्र सरकार पर बाढ़ प्रबंधन में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। कैथल से प्रेस बयान जारी करते हुए रणदीप सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी सरकार चुटकुले सुनाने और ठहाके लगाने में मस्त है, जबकि हरियाणा की जनता बाढ़ की मार से त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही है?

उफान पर नदियां 

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यमुना, घग्गर, और टांगरी नदियों के उफान ने अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, हिसार और जींद जैसे जिलों में भयावह स्थिति पैदा कर दी है। करीब तीन लाख एकड़ में फैली धान, गन्ना और अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अंबाला में टांगरी नदी के उफान से 10 हजार लोग प्रभावित हुए, कैथल में एक हजार एकड़ और रोहतक में 1200 एकड़ फसलें डूब गईं। हिसार में 57 गांवों की 80,190 एकड़ और जींद में दो हजार एकड़ फसलें बर्बाद हो गईं। कैथल के गुहला-चीका में घग्गर के तटबंध टूटने से छह गांवों में घग्गर का पानी आ गया है। जबकि रोहतक में एनएच-एक पर दो फीट पानी जमा होने से 60 गांवों का संपर्क टूट गया।

सीएम सैनी पर बोला हमला
रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी सरकार की निष्क्रियता पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी चुटकुले सुनाने और हंसी-मजाक में व्यस्त हैं, जबकि हरियाणा की जनता बाढ़ की त्रासदी से जूझ रही है। बाढ़ की चेतावनी के बावजूद नदियों और नालों की सफाई समय पर नहीं हुई। हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने की जानकारी पहले से थी, लेकिन प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी करने में कोताही बरती। नतीजा, गांवों में पानी घुस गया और लोग अपनी जान-माल बचाने के लिए भटक रहे हैं।

सुरजेवाला ने ड्रेनेज सिस्टम के चरमराने और तटबंधों की कमजोरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बीजेपी सरकार ने तटबंधों को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हर मानसून में हरियाणा को बाढ़ का दंश झेलना पड़ता है, और सरकार सिर्फ तमाशा देख रही है। क्या यह जनता के साथ विश्वासघात नहीं है?

सुरजेवाला ने मांग की कि बाढ़ प्रभावित किसानों को तुरंत 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों में समुचित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री नायब सैनी को अब चुटकुलों से बाहर निकलकर जनता की सुध लेनी चाहिए। केंद्र सरकार हरियाणा के लिए विशेष बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा करे।

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Author: News 7

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