हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट के बीच रविवार से जारी जोरदार बारिश ने तबाही मचाई है। जगह-जगह भूस्खलन से व्यापक नुकसान हुआ है। शिमला की जुन्गा तहसील में पटवार सर्कल डबलू के उप मोहाल जोत में एक घर भूस्खलन की चपेट में आ गया। हादसे में पिता और पुत्री की मौत हो गई है। इसके साथ ही मवेशियों की भी मौत हो गई। घटना में मृतक की पत्नी बाल-बाल बच गई, क्योंकि वह उस समय घर के बाहर थीं।
जुब्बल-कोटखाई में दो लोगों की माैत
उधर, कोटखाई में भारी बारिश की वजह से सुबह खनेटी के चोल गांव में एक मकान भूस्खलन के कारण ढह गया। भूस्खलन की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला कलावती पत्नी बालम सिंह की मलबे में दबने से माैत हो गई। वहीं जुब्बल के भौली गांव में आशा देवी पत्नी स्वर्गीय अमर सिंह का मकान भूस्खलन से ढह गया। मलबे में दबने से एक बच्ची कनिष्का की माैत हो गई। प्रभावित परिवार को 30 हजार की फाैरी राहत प्रदान की गई है। तहसीलदार जुब्बल और हलका पटवारी मौके पर मौजूद हैं, प्रभावित परिवार को निकटवर्ती सामुदायिक केंद्र में स्थानांतरित किया गया है।
इतने दिन बरसेंगे बादल, इन जिलों में रेड अलर्ट
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 7 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहेगा। आज ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन व सिरमाैर जिले के लिए रेड अलर्ट है। जबकि हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, मंडी, किन्नाैर व लाहाैल-स्पीति के लिए ऑरेंज अलर्ट है। 2 सितंबर के लिए कांगड़ा, मंडी व सिरमाैर में रेड अलर्ट, जबकि बाकि जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम को देखते हुए शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना और हमीरपुर, लाहाैल-स्पीति में प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश जारी कर दिए हैं।
793 सड़कें और 2,174 बिजली ट्रांसफार्मर बंद
राज्य में भूस्खलन, बाढ़ से सोमवार सुबह 10:00 बजे तक तीन नेशनल हाईवे सहित 793 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 2,174 बिजली ट्रांसफार्मर व 365 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हैं। भरमौर-पठानकोट हाईवे भरमौर से जांघी तक बंद है। चंबा जिले में 253 सड़कें, 269 ट्रांसफार्मर, 76 पेयजल योजनाए प्रभावित हैं। सड़कें बंद होने से लोग पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। मंडी जिले में 265 व सिरमाैर में 136 सड़कें बंद हैं।
मानसून में अब तक 320 लोगों की माैत
प्रदेश में जारी बारिश के बीच मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 3,05,684.33 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 31 अगस्त तक 320 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 379 लोग घायल हुए हैं। 40 लोग अभी लापता हैं। इस दौरान 154 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 4,569 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 3,710 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,885 पालतु पशुओं की मौत हुई है।










