‘भारत खुशामद नहीं करने वाला, तेल खरीदना है तो खरीदो, नहीं तो मत खरीदो’, अमेरिका और यूरोप को विदेश मंत्री की दो टूक

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नई दिल्ली : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस से तेल खरीदने को लेकर फिर से बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत के हित में जो भी होगा, सरकार वह काम करेगी. जयशंकर ने कहा कि अगर किसी को भारत से तेल (रिफाइन्ड) खरीदना है तो खरीदे, और नहीं खरीदना है तो नहीं खरीदे. उनका इशारा यूरोप और अमेरिका की ओर था. भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर यूरोप और अमेरिका को बेचता है.

शनिवार को एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए विदेश मंत्री ने सीधे शब्दों में कहा, “भारत स्वतंत्र होकर निर्णय लेता रहेगा.” ऊर्ज सुरक्षा की बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि यह हास्यास्पद है, जो अमेरिकी बिजनेस प्रशासन के लिए काम करते हैं, वे दूसरों को ऐसा करने से रोक रहे हैं. उन्होंने कहा, “अगर आपको भारत से तेल खरीदने पर समस्या है, तो आप नहीं खरीदें, कोई भी आपको इसके लिए बाध्य नहीं कर रहा है. यूरोप खरीदता है, अमेरिका खऱीदता है, और आपको नहीं पसंद है तो नहीं खरीदें.”

2022 की घटना को याद करते हुए जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन का ही यह नजरिया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों पर नियंत्रण लगाने के लिए भारत का रूस से तेल खरीदना जरूरी है. इसलिए भारत ने रूस से तेल खरीद को बढ़ाया. यह न सिर्फ भारत के हित में था, बल्कि पूरी दुनिया के हित में था.

रूस और यूक्रेन युद्ध पर भारत का क्या स्टैंड है, इस पर जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि हम इसका जल्द से जल्द शांतिपूर्वक समाधान चाहते हैं, लेकिन हम रूस के साथ व्यापार नहीं रोकेंगे, इसे और अधिक बढ़ाएंगे. उन्होंने कहा कि भारत के रिश्ते अमेरिका और चीन के साथ सहयोग और विवाद, दोनों से भरे रहे हैं, लेकिन ओवरऑल बात की जाए तो सकारात्मक ही रहे हैं.

विदेश मंत्री ने कहा कि कई बार अमेरिकी राष्ट्रपति के काम करने का तरीका परंपरा से हटकर होता है और ट्रंप भी ऐसा ही कर रहे हैं. उनसे पहले ओबामा ने भी चीन के साथ मिलकर जी2 का आइडिया दिया था.

क्या टैरिफ को लेकर अमेरिका से बातचीत पर कोई प्रोग्रेस नहीं है, इस पर विदेश मंत्री ने कहा, “हमारी सीमाएं हैं, और हमें उनके बारे में स्पष्ट होना होगा. हम किसानों और छोटे व्यवसायों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. पर बातचीत जारी रहेगी.” विदेश मंत्री ने उस बात पर हैरानी जताई कि रूस से सबसे अधिक तेल की खरीद चीन करता है, लेकिन अमेरिका भारत के खिलाफ कार्रवाई कर रहा ।

वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने एक दिन पहले कहा था कि भारत द्वारा तेल खरीदे जाने की वजह से रूस यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ रहा है. उन्होंने कहा कि रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत पर टैरिफ लगाया गया है और 27 अगस्त को भारत के खिलाफ 50 फीसदी तक टैरिफ लग जाएगा.

News 7
Author: News 7

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