मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नियम-310 के अंतर्गत सदन का कामकाज रोककर आपदा पर चर्चा करते। सरकार तैयार भी थी लेकिन विपक्ष पहले से ही सदन न चलने की मंशा लेकर यहां पहुंचा था। धामी ने कहा कि सदन के भीतर सोने के बजाय अगर विपक्ष के साथी आपदा प्रभावितों के बीच जाकर सोते तो उनका कष्ट समझ आता।
सीएम धामी ने कहा कि अपने निजी हितों के कारण विपक्ष ने सदन नहीं चलने दिया। जनता का इतना पैसा बर्बाद हो गया। सदन में न आपदा पर चर्चा हुई न किसी अन्य मुद्दे पर होने दी। आपदा में सत्र आहूत करता बड़ी चुनौती था, जिसको हमने पूरा करके दिखाया। सत्र की सभी तैयारी पहले से ही सरकार ने कर ली थी लेकिन पहले ही दिन से विपक्ष की मंशा यहां से सत्र चलाने की नहीं थी।
सीएम धामी ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार रही है। मेरे अनुरोध के बाद विपक्ष अपनी मनमानी पर अड़ा रहा। सबसे बड़ा मुद्दा आपदा का है जिस पर चर्चा होनी चाहिए थी लेकिन विपक्ष के हंगामे से यह चर्चा नहीं हो पाई। सत्ता पक्ष के विधायक भी इस पर चर्चा करना चाहते थे लेकिन विपक्ष को लगता था अगर इस पर चर्चा होगी तो उनके पास कहने को कुछ नहीं होगा।
सस्ती लोकप्रियता का ड्रामा है सदन में सोना
सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष ने सदन में रात बिताकर सस्ती लोकप्रियता पाने का ड्रामा किया है। उन्हें जनता के मुद्दों, आपदा के कष्ट से कोई लेना देना नहीं है। सेमीफाइनल का जवाब विपक्ष को मिल गया। केदारनाथ उपचुनाव, निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव में मुंह की खानी पड़ी है।










