चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर दिया है। आयोग ने आगामी उपचुनावों में दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘दो फूल-घास’ वाले आरक्षित चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया है। इसी घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चुनावी व्यवस्था और आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा लिखा कि-
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।हर बार एक ही पैटर्न, BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं। वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी – ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है – मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं।यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी का नहीं है । यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
वहीं ममता बनर्जी खेमे ने इस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई है। तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने इसे कानून के अनुरूप नहीं बताते हुए कहा कि उनके पक्ष को आदेश स्वीकार्य नहीं है। दूसरी ओर, प्रतिद्वंद्वी खेमे की ओर से अंतरिम व्यवस्था का स्वागत किया गया है और कहा गया है कि आगे चलकर पार्टी के मूल नाम और चिन्ह पर उनका दावा कायम रहेगा।









