समान नागरिक संहिता पर असदुद्दीन ओवैसी का बयान, बोले- मुस्लिमों की धार्मिक पहचान मिटाने की हो रही कोशिश

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भोपाल: AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता(UCC) को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC समानता और एकरूपता के लिए नहीं, बल्कि देश के मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए लाया जा रहा है। ओवैसी ने कहा कि इसके जरिए संविधान में मिले धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

ओवैसी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े हैं। उनका आरोप है कि समान नागरिक संहिता लागू करने के पीछे इन संवैधानिक प्रावधानों को खत्म करने की मंशा है। उन्होंने सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश में आदिवासी आबादी मुस्लिम आबादी से अधिक है, फिर भी उन्हें UCC से बाहर रखा गया है। ओवैसी ने कहा कि यदि कानून वास्तव में समान नागरिक संहिता के उद्देश्य से लाया जा रहा है तो इसका दायरा सभी समुदायों के लिए समान होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 देश में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करते हैं। धर्म की आजादी को खत्म करके यूसीसी को लागू नहीं किया जा सकता।

यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस एलान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2029 से पहले देश के सभी 21 NDA शासित राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा।

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Author: News 7

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