नई दिल्ली: आज यानि सोमवार को एतिहासिक यमुना जल समझौता हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक ‘यमुना जल समझौता’ हुआ है।इससे यमुना का जल अब दिल्ली और हरियाणा के साथ ही राजस्थान की भी प्यास बुझाएगा। यह समझौता होने से 32 साल पुरानी परियोजना साकार होने जा रही है।
इस समझौते के बाद हरियाणा के हथिनीकुंड से 295.5 किमी लंबी पाइपलाइन राजस्थान के चूरू तक पहुंचेगी। राजस्थान- हरियाणा के बीच 34102 करोड़ की परियोजना से करोड़ों लोगों को फायदा होगा।
इस विशाल पेयजल और सिंचाई परियोजना पर करीब ₹34,102 करोड़ की लागत आएगी। हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान तक 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
इस पानी से राजस्थान के गंभीर जल संकट से जूझ रहे चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। क्षेत्र के लाखों लोगों को शुद्ध पेयजल और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।









