पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि अमेरिका और इस्राइल के अलावा, गैर-शत्रुतापूर्ण देशों के जहाज अब इस प्रमुख तेल मार्ग से सुरक्षित गुजर सकते हैं। यह फैसला वैश्विक ऊर्जा संकट को कम करने और भारत की तेल आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए एक बड़ी राहत है।यह खाड़ी में एक अहम जलमार्ग है, जो ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है।
“ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान समेत दोस्त देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की इजाज़त दे दी है।”
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा होने का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि तेल की कीमतें पहले से ही आसमान छू रही हैं और कई देशों से तेल की कमी की खबरें आ रही हैं। जैसे-जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका और ईरान के बीच विवाद का एक अहम मुद्दा बनता जा रहा है।
मार्च की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बाद से यहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 15 मार्च के बीच यहां से मात्र 90 जहाज गुजरे हैं, जबकि आम दिनों में यह संख्या कहीं ज्यादा होती है। ईरान का कहना है कि यह रास्ता अमेरिका और उसके करीबियों को छोड़कर सबके लिए खुला है, लेकिन हमले के डर से ज्यादातर देशों ने यहां से दूरी बना ली है।
किन देशों को नहीं मिलेगी अनुमति
ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका, इजरायल और उन खाड़ी देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की इजाजत नहीं होगी, जो इस संघर्ष में शामिल हैं। अराघची ने कहा, “हम युद्ध की स्थिति में हैं। दुश्मन और उनके सहयोगी जहाजों को अनुमति देने का कोई कारण नहीं है, लेकिन अन्य देशों के लिए रास्ता खुला रहेगा।”










